Friday, June 6, 2008

ज़रा मेरी सहायता कीजिए!


कुछ दिन पहले जब मैं पटना गया था, वहां मैंने एक पोस्टर देखा किसी दीवार पर चिपका हुआ। बड़ी देर तक मैं उसे ध्यान से देखता रहा, उस पर बने चित्रों को देखा और उस पर लिखे वाक्यों को देखा, पर कुछ समझ नही आया। मैं सोचता ही रह गए कि जिन्होंने यह पोस्टर बनवाया होगा, उन्होंने क्या सोचा होगा? आख़िर क्या कहना चाहते हैं वो लोग? विचारों का संचार या प्रसार इतना कठिन हो सकता है क्या? या फिर शायद मैं ही नासमझ हूँ। आप ही निश्चित कीजिये।

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